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DSP साहब ने भेजा चाय लाने, लौटे अफसर बनकर, गरीबी से लड़कर सपनों को दिए पंख

 
Unemployment

देश में बेरोजगारी (Unemployment) की जो हालत है उसमें सरकारी नौकरी पाना किसी मैडल (Medal) जीतने से कम नहीं। लाखों-करोड़ों की भीड़ में चंद सीटों पर सिलेक्शन (Selection) होता है। रेलवे (Railway) में भर्ती निकले तो करोड़ों लोग फॉर्म भर देते हैं।

UPSC, PCS जैसी परीक्षाओं का हाल तो पूछिए ही मत। लेकिन जो मेहनत करता है वो अपनी किस्मत चमका ही देता है। ऐसी ही कहानी है बलिया (Ballia) के छोटे से गाँव इब्राहिमाबाद के रहने वाले श्यामबाबू की जो पहले पुलिस में हेड कांस्टेबल थे और अब SDM बन गए।

फिर सरकारी नौकरी का सपना

श्यामबाबू के घर की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि बहनों की पढ़ाई तक नहीं हो पाई। दसवीं के बाद ही सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) के लिए हाथ-पैर मारने लगे। मेहनत रंग लाई और यूपी पुलिस (UP Police) में हेड कांस्टेबल बन गए। लेकिन भाई साहब की नज़र तो PCS पर थी। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार 2016 में PCS परीक्षा पास कर 52वीं रैंक के साथ SDM बन गए।

चाय लाने वाला SDM बन गया

अब आते हैं कहानी के सबसे मज़ेदार हिस्से पर। पुलिस में 14 साल तक सेवा देने के बाद भी श्यामबाबू ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। एक दिन उनकी ड्यूटी में तैनात DSP साहब ने उनसे चाय (Tea) लाने को कहा। श्यामबाबू चाय लेने गए और तभी उनके फोन पर एक SMS आया।

खोलकर देखा तो खुशी से उछल पड़े—PCS क्लियर हो चुका था। जब उन्होंने चाय लेकर DSP साहब के सामने रखी और कहा सर अब मैं SDM बन गया हूँ। तो DSP साहब ने उठकर उन्हें सेल्यूट (Salute) मारा और कहा बेटा ये चाय अब तू पी।

6 बार फेल हुए लेकिन हार नहीं मानी

श्यामबाबू ने यह साबित कर दिया कि अगर ज़िद (Dedication) हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने 6 बार PCS की परीक्षा दी और हर बार असफलता मिली। लेकिन ठान रखा था कि सरकारी बाबू (Government Officer) बनकर ही रहना है। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2016 में आखिरकार सफलता (Success) मिल ही गई।

ट्विटर पर लिखा खास मैसेज

उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के IG नवनीत सेकरा ने ट्विटर (Twitter) पर लिखा श्यामबाबू को 14 सालों की कड़ी मेहनत के बाद मिली इस सफलता के लिए बधाई। उन्होंने साबित किया कि हम या तो बहाने ढूंढते हैं या सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर सकते हैं। उन्हें देश की सेवा के लिए शुभकामनाएँ।